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Author Archives: Dr. Ajay Prakash

How Does Diabetes Have an Impact on Your Eyes?

डायबिटीज का आँखों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

लखनऊ में उन्नत डायबिटिक आई केयर – Vinayak Netralaya

धुंधला दिखाई देना (Blurry Vision) आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर सकता है। चीज़ें साफ़ और स्पष्ट न दिखना, फोटो के आउट-ऑफ-फोकस हिस्से जैसा महसूस होना—ये सब डायबिटीज का संकेत हो सकते हैं।

डायबिटीज (मधुमेह) में बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल आँखों की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे अस्थायी या स्थायी दृष्टि समस्या हो सकती है।


डायबिटीज आँखों को कैसे प्रभावित करती है?

उच्च रक्त शर्करा (High Blood Sugar) आँख की रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करती है। इसके प्रभाव दो प्रकार के हो सकते हैं—अल्पकालिक (Short-Term) और दीर्घकालिक (Long-Term)


🔹 अल्पकालिक प्रभाव

  • ब्लड शुगर बढ़ने पर लेंस में सूजन
  • आँखों में तरल पदार्थ का असंतुलन
  • बहुत कम शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) में भी धुंधलापन

अक्सर ब्लड शुगर नियंत्रित होने पर यह समस्या स्वतः ठीक हो जाती है।


🔹 दीर्घकालिक प्रभाव

अनियंत्रित डायबिटीज लंबे समय में गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है:

  • रक्त वाहिकाओं से तरल का रिसाव
  • रेटिना में सूजन
  • नई कमजोर रक्त वाहिकाओं का बनना
  • आँख के अंदर ब्लीडिंग
  • आँखों का दबाव बढ़ना

इन समस्याओं के कारण स्थायी धुंधलापन या अंधापन तक हो सकता है।


डायबिटीज से होने वाली प्रमुख आँखों की बीमारियाँ

1️⃣ डायबिटिक मैक्युलर एडेमा (DME)

रेटिना के केंद्र (मैक्युला) में सूजन के कारण केंद्रीय दृष्टि प्रभावित होती है। समय पर इलाज न मिलने पर आंशिक या पूर्ण दृष्टि हानि हो सकती है।


2️⃣ डायबिटिक रेटिनोपैथी

  • नॉन-प्रोलिफेरेटिव रेटिनोपैथी: रक्त वाहिकाएं कमजोर होकर लीक करती हैं।
  • प्रोलिफेरेटिव रेटिनोपैथी: नई असामान्य रक्त वाहिकाएं बनती हैं और ब्लीडिंग का खतरा रहता है।

3️⃣ ग्लूकोमा

डायबिटीज से ग्लूकोमा का खतरा बढ़ जाता है। यह ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाकर स्थायी अंधापन पैदा कर सकता है।


4️⃣ मोतियाबिंद (Cataract)

डायबिटीज के मरीजों में मोतियाबिंद जल्दी विकसित हो सकता है। हाई शुगर लेवल के कारण लेंस में धुंधलापन आ जाता है।


कब डॉक्टर से मिलें?

तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें यदि:

  • लगातार धुंधला दिखाई दे
  • आँखों में दर्द या दबाव महसूस हो
  • काले धब्बे या फ्लोटर्स दिखें
  • अचानक दृष्टि में बदलाव हो

डायबिटीज के मरीजों को साल में कम से कम एक बार रेटिना जांच अवश्य करानी चाहिए।


लखनऊ में डायबिटिक आई ट्रीटमेंट

यदि आप लखनऊ में बेहतरीन आई हॉस्पिटल की तलाश में हैं, तो Vinayak Netralaya आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों के साथ संपूर्ण नेत्र जांच और उपचार प्रदान करता है।

समय पर जांच और इलाज से आप अपनी दृष्टि को सुरक्षित रख सकते हैं।

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